शिलांग: मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने अवैध घुसपैठ को लेकर राज्य की चिंताओं को सामने रखते हुए केंद्र सरकार से इस पर प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट (MRSSA) और इनर लाइन परमिट (ILP) जैसे प्रावधान अवैध प्रवासन को नियंत्रित करने में कारगर साबित हो सकते हैं।
ज्ञापन में खासी और गारो भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की भी मांग उठाई गई। राज्य सरकार ने कहा कि इससे प्रदेश की स्वदेशी भाषाओं और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षण और राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लंबे समय से राज्य की जनता की मांग रही है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने छठी अनुसूची में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि किसी भी संशोधन से पहले पूर्वोत्तर के सभी संबंधित राज्यों से व्यापक चर्चा और परामर्श किया जाए, ताकि जनजातीय समुदायों के अधिकार और स्वायत्त शासन व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।
मुख्यमंत्री ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में किए गए कुछ संशोधनों को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा जताई गई चिंताओं को भी गृह मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों का असर कई संस्थाओं के कामकाज और उनकी संपत्तियों पर पड़ सकता है। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह को धैर्यपूर्वक सभी मुद्दों को सुनने के लिए धन्यवाद दिया और सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई।
