कुछ ही दिनों में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना पहला बड़ा प्रदर्शन शुरू किया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा पेपर लीक, भर्ती घोटालों और बढ़ती बेरोजगारी से छात्र समुदाय में गहरा असंतोष है। दिल्ली पहुंचते ही दीपके ने कहा कि यह आंदोलन देशभर के छात्रों की आवाज़ बनकर उभर रहा है।
जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि कई लोग सवाल उठा रहे थे कि केवल सोशल मीडिया पर अभियान चलाने से क्या हासिल होगा, लेकिन आज बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी ने उसका जवाब दे दिया है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में लाखों छात्र इस आंदोलन से जुड़ेंगे। दीपके ने कहा कि सीजेपी कोई योजनाबद्ध राजनीतिक दल नहीं, बल्कि सरकार से नाराज़ छात्रों और युवाओं की स्वाभाविक अभिव्यक्ति है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले एक दशक से देश को धार्मिक और साम्प्रदायिक मुद्दों में उलझाकर रोजगार और शिक्षा जैसे मूल सवालों से ध्यान भटकाया गया है।
इस आंदोलन को कई सार्वजनिक हस्तियों का समर्थन भी मिला है। शिवसेना नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति दिए जाने का स्वागत करते हुए इसे सही फैसला बताया। वहीं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी का उभार देश में बढ़ती बेरोजगारी, भर्ती में भ्रष्टाचार, परीक्षा घोटालों और संस्थागत कमजोरियों के प्रति जनता की नाराजगी का परिणाम है। उन्होंने इस जेन-ज़ी आंदोलन को समझदारी भरे समर्थन और मार्गदर्शन की आवश्यकता बताई। सीजेपी ने अपने समर्थकों से अपील की है कि आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और प्रेमपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाए।
